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कभी-कभी कोई-सा भी दिन अचानक हमारे लिए किसी नई प्रसन्नता, नए उत्साह और आनंद का कारण बन जाता है। कॉलेज में 50 वर्ष पूरे होने पर मनाया जाने वाला उत्सव भी कुछ ऐसा ही अनुभव देता है—एक ऐसा अहसास कि आप कितने लोगों से घिरे हैं जो आपकी खुशी में सचमुच प्रसन्न हैं।
मतभेद तो हर जगह होते हैं, पर ऐसे अवसर यह भरोसा दिलाते हैं कि मन भेद कभी नहीं होते। सब लोग एकजुट होकर जिस तरह आनंद साझा करते हैं, वह माहौल अपने आप में प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।
कई अवसर ऐसे भी आते हैं जब कॉलेज पहुँचते ही यह महसूस होता है कि आपके आसपास कई ऐसे लोग हैं जो आपको नई ऊर्जा देते हैं। मित्रों और सहकर्मियों का साथ ऐसा सुकून देता है कि कितने ही तनाव और चिंता अपने आप दूर हो जाते हैं।
कई बार तो कॉलेज आकर केवल दो बातें कर लेने से, हँस-बोल लेने से, और अपनेपन का एहसास पा लेने से छोटी-मोटी शारीरिक असहजता भी जैसे गायब हो जाती है। यही साथ, यही माहौल और यही सकारात्मकता जीवन में नई ताज़गी भर देती है।
🌟 नई परंपरा, नया एहसास
कॉलेज में किसी भी सहकर्मी या साथी का 50वें वर्ष वाला जन्मदिन उत्सव मनाना एक ऐसी परंपरा है जो यकीनन यह एहसास कराती है कि आप अपने उन सभी साथियों के लिए विशेष हैं, जिनके साथ आप अपने जीवन के रोज़ के लगभग आठ घंटे बिताते हैं।
यह उत्सव यह भी एहसास करवाता है कि आप अपनी संस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं—उसका एक अहम हिस्सा, उसकी पहचान और उसकी प्रेरक शक्ति।
और सच कहें तो, ऐसी परंपरा MRSC जैसी संस्था में ही सम्भव है, जहाँ साथ, सम्मान, अपनापन और सकारात्मकता एक संस्कृति की तरह जीवित है।
इन पलों से नई ऊर्जा मिलती है, मन में सकारात्मकता आती है, और जीवन फिर से उतना ही सुंदर और उत्साहपूर्ण महसूस होने लगता है।




